सीतापुर। डीबीटी का लाभ लेने के बाद भी बच्चों की ड्रेस व स्कूली बैग न खरीदने वाले अभिभावकों का आंकड़ा बेसिक शिक्षा विभाग जुटाएगा।

इसके तहत योजना का पैसा खाते में जाने के बाद इसके उपयोग किस तरह हुआ के इसका सत्यापन किया जाएगा।

बेसिक शिक्षा विभाग में पढ़ने वाले प्रत्येक बच्चे को डीबीटी स्कीम के तहत 1100 रुपये सीधे उनके अभिभावकों के बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए थे। इस पैस का उपयोग बच्चे की ड्रेस जूता मोजा सहित व बैग खरीदने के लिए होना था। इस संबंध में लगातार शिकायत मिल रही थी कि अभिभावकों ने बजट का पैसा तो प्राप्त कर लिया है लेकिन इसका खर्च बच्चे की जरूरत पूरा करने को नहीं किया। अब इसकी जांच कराने का फैसला बेसिक शिक्षा विभाग ने किया है। इसमें सत्यापित किया जाएगा कि जिले में कितने बच्चों को इस स्कीम के के तहत योजना का लाभ दिया गया है।

इसके बाद इस पैसे से बच्चों के लिए ड्रेस जूता मोजा व बैग खरीदा गया अथवा नहीं। इसके सत्यापन की जिम्मेदारी शिक्षकों को सौंपी गयी है। उन्होंने विद्यालय स्तर इसकी जांच भी शुरू कर दी है। बीएसए अजीत कुमार ने बताया कि डीबीटी स्कीम के तहत लाभान्वित नौनिहालों की जांच कराई जाएगी। इस जांच के बाद ही मालूम हो सकेगा कितने अभिभावकों ने इस पैसे का दुरुपयोग किया है।

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