प्राथमिक विद्यालय Vidyalaya हाजीपुर में तैनात शिक्षिका ने सोमवार रात बीएलओ BLO की ड्यूटी Duty के दौरान अधिकारियों के रवैये से परेशान होकर त्यागपत्र दे दिया। इसके साथ ही शिक्षिका ने ये आरोप भी लगाया है कि उसे मानसिक रूप से भी परेशान किया जा रहा है।इससे 2 दिन पूर्व गेझा के उच्च प्राथमिक स्कूल School में तैनात शिक्षिका पिंकी सिंह ने भी त्याग पत्र दिया था। हालांकि, बीएसए BSA ने दोनों शिक्षिकाओं का त्याग पत्र मिलने से इनकार किया है। सहायक अध्यापिका कविता नागर ने अपने त्याग पत्र में लिखा है कि वह वर्तमान में प्राथमिक विद्यालय vidyalaya हाजीपुर में तैनात हैं। उन्होंने सोमवार Monday रात निर्वाचन अधिकारी के नाम बीएलओ Blo के ग्रुप पर अपना त्याग पत्र भेजा है।


उन्होंने बताया है कि बतौर बीएलओ BLO उनकी ड्यूटी सेक्टर-93 स्थित सामुदायिक केंद्र के मतदान केंद्र पर है। वह पिछले 20 वर्षों से विभाग में शिक्षण कार्य कर रही हैं। वर्तमान में परिस्थितियां अत्यंत विषम हो गई हैं। उनके ऊपर 1357 मतदाताओं की सूची दुरुस्त करने की जिम्मेदारी है। काफी संख्या में मतदाताओं के फार्म From भरवाकर ऑनलाइन अपलोड भी कराए हैं। शिक्षिका का आरोप है कि बीएलओ BLO का कार्य करते हुए क्षेत्र के लोगों का व्यवहार और विभाग vibhag के अधिकारियों का रवैया बेहद खराब है। इसके चलते वह मानसिक रूप से काफी परेशान हैं। इसलिए वह अपने शिक्षण कार्य तथा बीएलओ BLOके कार्य से त्याग पत्र दे रही हैं। उन्होंने त्याग पत्र स्वीकार करने और बीएलओ BLO के दस्तावेज संबंधित को सुपुर्द करने की अनुमति मांगी है। बता दें कि एसआईआर SIR के कार्य में जुटे शिक्षक लगातार काम के दबाव की शिकायत अधिकारियों से कर रहे हैं। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी BSA राहुल पंवार का कहना है कि उन्हें शिक्षिका का त्याग पत्र नहीं मिला है। यदि मिलता है तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। शिक्षकों Teacher का उत्पीड़न नहीं सहेंगे उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के मंडल अध्यक्ष मेघराज भाटी का कहना है बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाओं की बीएलओ BLO ड्यूटी Duty न लगाने की अपील की थी, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है। शिक्षक-शिक्षिकाएं शारीरिक और पारिवारिक परेशानियों से जूझ रहे हैं। बावजूद इसके ड्यूटी निभाने को मजबूर हैं। अधिकारी बीएलओ BLO बने शिक्षक-शिक्षिकाओं का मानसिक उत्पीड़न कर रहे हैं। संघ शिक्षकों का उत्पीड़न सहन नहीं करेगा।

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