गोरखपुर : शिक्षा से जुड़े दीक्षा एप की डाउनलोड व प्रयोग में कमी देखने को मिली है। शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि जिले में इस एप की डाउनलोड व प्रयोग में गिरावट आ रही है।

जिलाधिकारी विजय किरन आनंद ने इसे गंभीरता से लेते हुए इसका प्रयोग बढ़ाने का निर्देश दिया है। सरकारी हो या निजी विद्यालय, सभी शिक्षकों को दीक्षा एप डाउनलोड कर उसका प्रयोग भी करना होगा।

जिले के सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे ब्लाक के निरीक्षण के दौरान प्रधानाध्यापकों की बैठक करें। बैठक में यह सुनिश्चित करना होगा कि प्रधानाध्यापक व उनके विद्यालय के सभी शिक्षकों के मोबाइल में दीक्षा एप अनिवार्य रूप से डाउनलोड हो। सभी निजी विद्यालयों के शिक्षकों से भी इस एप को डाउनलोड कराया जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि सभी खंड शिक्षा अधिकारी अपने ब्लाक के निजी विद्यालयों के साथ प्रत्येक माह अनिवार्य रूप से बैठक करें।

उन्होंने कहा कि सभी एकेडिमिक रिसोर्स पर्सन (एआरपी) भी निगरानी के दौरान यह जरूर देखें कि विद्यालयों में शिक्षकों द्वारा कक्षा में अध्यापन के दौरान दीक्षा एप पर उपलब्ध उनके विषय से संबंधित पाठ्य सामग्री का प्रयोग जरूर किया जाए। शिक्षा संकुल बैठक के माध्यम से शिक्षकों तक यह विचार साझा किया जाए कि विद्यालय समयावधि के बाद बच्चों को शैक्षिक गृह कार्य प्रदान करते समय शिक्षकों द्वारा दीक्षा प्लेटफार्म पर उपलब्ध सामग्री से संबंधित गृह कार्य दिए जाएं, जिससे बच्चे घर में आनलाइन माध्यम से शिक्षा प्राप्त कर सकें। सभी एआरपी एवं डायट मेंटर बच्चों के अभिभावकों से भी संपर्क करते हुए उन्हें दीक्षा एप की विशेषताएं बताएं। सभी एआरपी को निजी विद्यालयों के शिक्षकों के साथ वाट्सएप ग्रुप बनाना होगा और प्रतिदिन ग्रुप के माध्यम से इस बात की निगरानी करें कि निजी विद्यालयों के शिक्षक एवं छात्र-छात्रएं दीक्षा एप पर उपलब्ध शैक्षिक सामग्री का प्रयोग करते रहें। इन निर्देशों के अनुपालन को लेकर जिलाधिकारी के स्तर से खंड शिक्षाधिकारियों, एआरपी एवं अन्य जिम्मेदारों के कार्यो की समीक्षा भी की जाएगी।

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