बलिया। बेसिक शिक्षा परिषद् की ओर से संचालित स्कूलों में बच्चों को मिड-डे-मील में ताजी हरी सब्जियां उपलब्ध कराने के लिए परिषदीय स्कूलों में किचन गार्डन बनाए जाएंगे। इस वर्ष 200 परिषदीय विद्यालयों में किचन गार्डन तैयार किए जाएंगे।

जिन परिषदीय स्कूलों में किचन गार्डन बनेंगे उन विद्यालयों के लिए धन आवंटित कर दिया गया है। शासन की ओर से परिषदीय स्कूलों के बच्चों को एमडीएम में ताजी हरी मौसमी सब्जियां परोसने के लिए योजना बनाई थी। जिलेभर में 2249 परिषदीय स्कूलों में लगभग 3.10 लाख विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण करते हैं।

जनवरी माह में शासन ने जिले में 200 परिषदीय स्कूलों में किचन गार्डन बनाने का निर्णय लिया था। इस योजना में ऐसे विद्यालयों का चयन करने के आदेश दिए थे, जहां बच्चों की संख्या अधिक है, साथ ही जमीन भी उपलब्ध है। ऐसे विद्यालयों में किचन गार्डन बनाने में प्राथमिकता देने के आदेश दिए गए थे। शासन द्वारा परिषदीय स्कूलों में किचन गार्डन बनाने का निर्णय लेने के बाद जिलेभर में स्कूलों का चयन करने का आदेश खंड शिक्षाधिकारियों को दिया गया था। खंड शिक्षाधिकारियों की रिपोर्ट के बाद किचन गार्डन बनाने के लिए स्कूलों का चयन किया गया है। उगाईं जाएंगी ये सब्जियां भिंडी, पालक, लौकी, करेला, खीरा, कद्दू, बैंगन, शलजम, गाजर, मूली, सेम, तुरई, टमाटर, मटर, मिर्च, फूल और पत्ता गोभी, बथुआ, प्याज, लहसुन, चुकंदर आदि सब्जियां उगाई जाएगी। ग्रामीण क्षेत्र के विद्यालय 20 गुणा 10 मीटर और शहरी क्षेत्र के विद्यालयों में पर्याप्त जगह की उपलब्धता न होने से 10 गुणा 10 मीटर क्षेत्रफल में किचन गार्डन विकसित किया जाएगा। जिलेभर में 200 परिषदीय स्कूलों में किचन गार्डन बनाने के शासन की ओर से बजट भी जारी हो चुका है। जिन स्कूलों में किचन गार्डन बनाए जाएंगे, उन विद्यालयों के मध्यान्ह भोजन निधि खाते में धन भेज दिया गया है। किचन गार्डन बनाने में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *